चर्चित मस्जिद प्रकरण: हेराफेरी कर वक्फ संपत्ति घोषित कराने पर 8 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Published on : 02:00 PM May 21, 2021

बाराबंकी में सरकारी संपत्ति को फर्जी तरीके से वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड कराने के मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. जिला प्रशासन ने सोमवार को उक्त भवन को ध्वस्त करा दिया था, जिसे मस्जिद बताते हुए फर्जी तरीके से वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड कराया गया था.

बाराबंकी: जिले में चल रहे चर्चित मस्जिद प्रकरण में सहायक सर्वे आयुक्त ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के तत्कालीन निरीक्षक की मिलीभगत से इन आठ लोगों ने हेराफेरी और कूटरचना करके चर्चित भवन को वक्फ संपत्ति घोषित करा दिया था. इनका यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है.

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FIR की कॉपी
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गलत ढंग से हुआ वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशनबताते चलें कि तहसील रामसनेहीघाट के सुमेरगंज में तहसील परिसर में स्थित चर्चित भवन सुन्नी वक्फ बोर्ड में मस्जिद के रूप में दर्ज है. इसे 5 जनवरी 2019 को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराया गया बताया जाता है. इस भवन को जिला प्रशासन द्वारा बीते 18 मार्च को अपने कब्जे में लिए जाने के बाद विवाद उपजा था. इस भवन से जुड़े लोगों ने इसे मस्जिद बताते हुए प्रशासन के समक्ष वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड होने का प्रमाणपत्र भी दिया था. जिसके बाद प्रशासन ने अल्पसंख्यक अधिकारी से इसकी जांच कराई थी. अल्पसंख्यक अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मात्र वक्फ बोर्ड के निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर इसे वक्फ में दर्ज कर लिया गया था. इसमें राजस्व विभाग की कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गई.
वक्फ बोर्ड का दस्तावेज
आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जसोमवार को उस भवन को ध्वस्त कर दिया गया, जिसमें मस्जिद होने का दावा किया जा रहा था. ध्वस्तीकरण के बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो गुरुवार शाम को सहायक सर्वे अधिकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार ने आठ लोगों के खिलाफ थाना रामसनेहीघाट में रिपोर्ट दर्ज कराई है. जिन लोगों के नाम एफआईआर में हैं उनमें अध्यक्ष मुश्ताक अली, उपाध्यक्ष वकील अहमद, सचिव मो. अनीस, मो. मुस्तकीम खाजिन के साथ सदस्य दस्तगीर, अफजाल, मो. नसीम और तत्कालीन निरीक्षक मो. ताहा व एक अन्य शामिल हैं. इनके खिलाफ एफआईआर संख्या 0189/2021 पर धारा 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत थाना रामसनेहीघाट में मुकदमा दर्ज कराया गया है.हेराफेरी और कूटरचना में वक्फ बोर्ड निरीक्षक की मिलीभगत

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जो तहरीर दी है उसके मुताबिक इन लोगों द्वारा एक कमेटी बनाकर तहसील रामसनेहीघाट प्रांगण में उपजिलाधिकारी आवास के सामने अवैध रूप से निर्मित एक इकाई को हेराफेरी और कूटरचना करके दिनांक 5 जनवरी 2019 को वक्फ संपत्ति घोषित करा दी गई. ये इकाई अवैध तरीके से सरकारी भूमि पर बनाई गई थी. उपरोक्त लोगों के इस कृत्य में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तत्कालीन निरीक्षक मो. ताहा व अन्य की मिलीभगत है, ये बात तहसीलदार रामसनेहीघाट बाराबंकी द्वारा की गई जांच में प्रमाणित हुई है.

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