आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र ने एक मिलियन यूएस डॉलर किया दान, जानें पूरी खबर

Published on : 05:37 PM Jan 06, 2022

जय चौधरी द्वारा दिए गए डोनेशन से संस्थान में एक सॉफ्टवेयर इनोवेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा. यह एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां छात्र सॉफ्टवेयर विकास, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, आईओटी और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्रों में सीखने और नवाचार करने में सक्षम होंगे.

वाराणसी : आईआईटी-बीएचयू के पूर्व छात्र ने एक मिलियन यूएस डॉलर का दान कर दिया. इसका उपयोग आईआईटी-बीएचयू के विकास और अन्य लैब और संकाय बनाने के लिए किया जाएंगा. आईआईटी-बीएचयू फाउंडेशन (आईआईटी-बीएचयू पूर्व छात्रों का एक यूएस-आधारित ऑल वॉलंटियर नॉन प्रॉफिट एसोसिएशन) ने इसकी घोषणा की है.

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इलेक्ट्राॅनिक्स इंजीनियरिंग के 1980 बैच के पूर्व छात्र और क्लाउड बेस्ड इन्फार्मेशन सिक्योरिटी फर्म जीस्केलर के संस्थापक और सीईओ जय चौधरी ने आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन को एक मिलियन यूएस डॉलर (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) का दान दिया है.

जय चौधरी द्वारा दिए गए डोनेशन से संस्थान में एक सॉफ्टवेयर इनोवेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा. यह एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां छात्र सॉफ्टवेयर विकास, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, आईओटी और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्रों में सीखने और नवाचार करने में सक्षम होंगे. Advertisement

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आईआईटी (बीएचयू) और संस्थान के ही पुरा छात्र दीप जरीवाला (एमईटी 10) के सहयोग से एक संकाय सदस्य का चयन किया जाएगा जो जय चौधरी प्रोफेसर ऑफ सॉफ्टवेयर इनोवेशन’ की भूमिका निभाएगा और सॉफ्टवेयर इनोवेशन सेंटर का प्रबंधन संभालेगा.

प्रोफेसरशिप और इनोवेशन सेंटर के अलावा चौधरी द्वारा दी गई धनराशि सॉफ्टवेयर नवाचार पर एक व्याख्यान शृंखला और एक सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी बीज कोष को निधि देगा. उन दोनों का प्रबंधन आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन की ओर से पुरा छात्र विश नारायणन (ईईई-83) द्वारा किया जाएगा.

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आईआईटी-बीएचयू का गरिमापूर्ण इतिहास

प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव, डीन (संसाधन और पूर्व छात्र), आईआईटी बीएचयू के बारे में बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी पवित्र गंगा नदी के तट पर प्राचीन शहर वाराणसी के दक्षिणी छोर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शानदार परिसर में स्थित है.

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग शिक्षा-1919 में बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (बेंको) की स्थापना के साथ शुरू हुई. 1969 में बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (बेंको), कॉलेज ऑफ माइनिंग एंड मेटलर्जी और कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी को मिलाकर प्रौद्योगिकी संस्थान बनाया गया.

29 जून 2012 में भारत सरकार ने आईटी-बीएचयू को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिंदू विश्वविद्यालय में परिवर्तित कर दिया. संस्थान देश में आधुनिक अंतःविषय तकनीकी उन्नति का अग्रदूत बनने की इच्छा रखता है. समकालीन तरीकों के साथ पारंपरिक रूप से नवीन शिक्षा शास्त्र के उपयोग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सबसे आगे है.

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क्या है आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन

यूएस बेस्ड ऑल वॉलंटियर, 501 (सी) 3 नॉन-प्रॉफिट फाउंडेशन आईआईटी बीएचयू को अगले 100 वर्षों में एक ट्रेंडसेटिंग पायनियर के रूप में बदलने का प्रयास करता है. संस्थान के लक्ष्यों को हमारे पूर्व छात्रों और दाता नेटवर्क की उदारता के साथ सिंक्रनाइज़ करता है.

अपने तरह के योगदान के माध्यम से पूंजी प्रवाह को बढ़ाने, आवंटित करने और प्रबंधित करने के इरादे से, फाउंडेशन, आईआईटी (बीएचयू) और आईआईटी (बीएचयू) ग्लोबल एलुमनी एसोसिएशन के साथ घनिष्ठ और निरंतर समन्वय में काम करता है.

कौन हैं जय चौधरी

जय चौधरी ने यू.एस. में पांच सफल तकनीकी कंपनियों की स्थापना की है. इसमें जीस्केलर, क्लाउड सुरक्षा में एक इंडस्ट्री लीडर, एयरडिफेंस, एक वायरलेस सुरक्षा फर्म, सिफरट्रस्ट, पहला ईमेल सुरक्षा गेटवे, कोरहार्बर, एक प्रबंधित ईकॉमर्स समाधान फर्म और सिक्योरआईटी, पहली प्योर-प्ले इंटरनेट सुरक्षा सेवा जैसे विषयों के तहत कार्य किया जाता है.

1980 में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ आईआईटी बीएचयू से स्नातक करने वाले जय चौधरी बताते हैं, 'आईआईटी बीएचयू में मुझे जो शिक्षा मिली, उसने मुझे व्यवसाय की दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

यह उद्यमिता केंद्र युवा छात्रों को अपने करियर को नेविगेट करने और व्यावहारिक कौशल सीखने के लिए शिक्षित करने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की दुनिया में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने के लिए मदद करेगा. मेरी आशा है कि उद्यमिता केंद्र बड़े सपनों और आकांक्षाओं वाले छात्रों को वही अवसर प्रदान करेगा जो मुझे मिला.

वहीं, आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी (एमईसी ’97) ने कहा कि जय चौधरी उन ऊंचाइयों का एक गौरवपूर्ण उदाहरण हैं जो आईआईटी (बीएचयू) के छात्र-छात्राएं पहुंच सकते हैं. जय चौधरी से हमने वित्त पोषण हासिल किया है जो आईआईटी बीएचयू में छात्र विकास, संकाय विकास और उद्यमिता विकास में मदद करेगा.

उन्होंने कहा, 'पूर्व छात्रों के रूप में हम सभी को अपने संस्थान को फिर से जीवंत करने, अपने मिशन को आगे बढ़ाने और इंजीनियरिंग के विश्व स्तरीय कॉलेज के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को मजबूत करने की तीव्र इच्छा है. जय का उपहार हमें वह सब हासिल करने में मदद करता है'.

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने भी आभार व्यक्त किया और इंडोमेंट के महत्व की सराहना की. प्रो. जैन ने कहा कि भविष्य के पुरा छात्रों के लिए वर्तमान के पुरा छात्रों का यह निरंतर समर्थन ही आईआईटी बीएचयू को वास्तव में अलग बनाता है. हम इस बड़े उपहार का केवल लाभ उठाकर गर्व ही नहीं करते बल्कि संस्थान के बहुत से छात्र जय चौधरी का अनुसरण भी करेंगे. प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव, डीन (संसाधन और पूर्व छात्र), आईआईटी बीएचयू ने भी आभार किया.

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